Tuesday, May 28, 2024

बुखार के लिए मशहूर Dolo 650 बनाने वाली कंपनी ने कर दिया ऐसा काम, जानकार आप भी चौंक जाएंगे

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Dolo 650 दवा बनाने वाली कंपनी माइक्रो लैब्स आज कल चर्चा में बनी हुई है. बता दें माइक्रो लैब्स पिछले कुछ दिनों से लगातार समाचार जगत में सुर्खियाँ बटोर रही है. माइक्रो लैब्स (Micro Labs) अपने गलत कारनामों के चलते ख़बरों में लगातार बनी हुई है. बीते दिनों आयकर विभाग (CBDT) द्वारा माइक्रो लैब्स पर शिकंजा कसने की खबरें सामने आईं थीं. अब केंद्रीय कर प्रत्यक्ष बोर्ड ने माइक्रो लैब्स (Micro Labs) पर अपना शिकंजा कसा है. सीबीडीटी ने माइक्रो लैब्स के खिलाफ एक जांच करी है और इस जांच में चौंका देने वाले खुलासे हुए हैं. सीबीडीटी (CBDT) ने अपनी जांच में पाया कि माइक्रो लैब्स अपने प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के बदले डॉक्टरों और चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों को 1,000 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार दिए हैं.

1.20 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी

Dolo 650

बता दें कि आयकर विभाग ने बीती 6 जुलाई को बेंगलुरु स्थित माइक्रो लैब्स लिमिटेड (Micro Labs Limited) के 9 राज्यों में 36 ठिकानों पर छापेमारी करी है. बीते बुधवार को सीबीडीटी (CBDT) ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि माइक्रो लैब्स के खिलाफ कार्रवाई के बाद विभाग ने 1.20 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी और 1.40 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के आभूषण बरामद किए.

मुफ्त उपहारों की रकम 1,000 करोड़ होने का अनुमान

इस मामले को लेकर सीबीडीटी (CBDT) ने माइक्रो लैब्स (Micro Labs) को एक ईमेल किया था जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है. सीबीडीटी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल डाटा के रूप में आपत्तिजनक सबूत मिले हैं, जिन्हें फिलहाल जब्त कर लिया गया है. बोर्ड के अनुसार साफ़ संकेत मिलते हैं कि माइक्रो लैब्स ने अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया और इस पेशे से जुड़े लोगों पर करीब 1,000 करोड़ रुपये की रकम को उपहार के रूप में खर्च किया.

Dolo 650

हालांकि सीबीडीटी (CBDT) ने अपने बयान में ग्रुप की पहचान को उजागर नहीं किया है. मगर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह ग्रुप माइक्रो लैब्स ही है. आपको बता दें कि बीते कुछ वर्षों में माइक्रो लैब्स द्वारा निर्मित डोलो 650 की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है और बिक्री में नए रिकॉर्ड बनाए हैं. सूत्रों के मुताबिक़ माइक्रो लैब्स (Micro Labs) ने कोरोना काल में 2020 में कोविड मामले आने के बाद 350 करोड़ टेबलेट बेचीं हैं. और एक साल में 400 करोड़ रुपये कमाए हैं.

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