Wednesday, September 28, 2022

अमेरिका और यूरोप समेत चीन में बढे Deltacron के केस, WHO ने दी जानकारी

- Advertisement -

कुछ महीनो की राहत के बाद कोरोना एक बार फिर दबाव बनाता दिख रहा है. कहा जा रहा है की दुनिया में कोरोना की चौथी लहर का नाम Deltacron है. हॉन्गकॉन्ग और चीन में Deltacron के मामलो ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. Deltacron के बढ़ते मामलो को देख कर ऐसे में Deltacron को कोरोना की चौथी लहर माना जा रहा है.

कैसे बना Deltacron ?

- Advertisement -

कोरोना ने पिछले दो सालों में अपने कई रूप बदले है ऐसे में इसका एक और वैरिएंट आना कोई बड़े ताज्जुब की बात नहीं. डेल्टाक्रोन का नाम बीते समय आये डेल्टा वैरिएंट और ओमीक्रॉन वैरिएंट से बना है वैज्ञानिकों की मानी जाए तो डेल्टाक्रोन की स्पाइन ओमीक्रॉन और बैकबोन डेल्टा को कह सकते है. शोधकर्ताओं तथा वैज्ञानिकों का यह भी मानना है की जब कोरोना म्यूटेट होता है तब एक नए वैरिएंट या वायरस को जन्म देता है. ऐसे में एक इंसान एक समय पर दो वायरस से ग्रहिस्त हो सकता है. डेल्टाक्रोन की बात की जाए तो इसमें एक समय पर एक व्यक्ति डेल्टा और ओमीक्रॉन दोनों से संक्रमित हो रहा है.

- Advertisement -

यह भी पढ़ें-https://www.story24.in/माँ और बच्चे के लिए घातक साबित हो सकता है फाइब्रोमायल्जिया

पहले से ज़्यादा खतरनाक ?

बीते समय पर यदि नज़र डालें तो देखने को मिलेगा की ओमीक्रॉन से ज़्यादा लोग अगर संक्रमित हुए भी थे तो भी ज़्यादा कुछ ख़ास हानि नहीं हुयी थी. यहाँ तक की अपने घरो में बिना किसी उपचार के भी लोग ओमीक्रॉन से निजात पाने में सफल हो रहे थे, वहीँ उस से पहले आये वैरिएंट डेल्टा ने हाहाकार मचाया था.

ओमीक्रॉन जितना काम प्रभावी था डेल्टा उतना ही घातक था. ऐसे में डेल्टाक्रोन की बात की जाए तो यह कितना घातक होगा कितना नहीं इसका कुछ मोटे तौर पर अंदाज़ा लगाया जाना मुश्किल है. हालांकि इसपर शोध जारी है फर भी हमे सतर्क रहने में ही फायदा है. यदि इसमें काम घातक वाला ओमिक्रोण है तो वहीं खतरनाक डेल्टा भी मौजूद है. बेशक़ यह वैरिएंट पहले से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है

भारत में बढ़ता संक्रमण

भारत में कोरोना के केस दिन बे दिन बढ़ते नज़र आ रहे है. हालाँकि इस बात की पुष्टि अभी नहीं की गयी है की यह केस डेल्टाक्रोन के है या नहीं. भारत में आज कोरोना मामलो में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की है. बीते दिन कोरोना के 2876 नए मामले निकलकर सामने आये है और 98 मौत दर्ज की गयी है. वैक्सीनेशन की बात की जाए तो भारत में 16 जनवरी 2021 से टीकों का काम शुरू हो गया था. भारत में आज से 12 से 14 साल के उम्र के बच्चो को टीका लगाने की प्रक्रिया पर जोए दिया जायेगा. साथ ही 60+ बुज़ुर्गो को बूस्टर लगाने की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो जाएगी.

यह भी पढ़ें-https://www.story24.in/जब ड्रग्स और शराब की लत में डूब गए थे हनी सिंह, बर्बाद हो गया था करियर

- Advertisement -
RELATED ARTICLES

Most Popular